18 अऊ चरवाह मन कर बात ला सुईन के, सब सुनोईया मन अचमहों होए गईन।
18 अउ सबेच सुने बाला मन ओ गोएठ मन ले जेला गड़रिया मन हर ओमन मन ले कहिन अकचकाए गिन।