20 बकिन ए मूरुख, तंए एला नई जानस कि करम बिना बिस्वास हर अनभनिया हवे।
20 पर हे निकम्मा मैनसे, का तय ये भी नी जानथस कि करम बिना बिश्वास हर ब्यर्थ है?