14 अगर कोई इस चिट्ठि अन्तर लिखो हें निआंग ना मानते त तेस पुठ धिक नजर रखे। तेन्हि जुए सुआ निड़िए नओं, जेसे बेलि तेन्हि शरम एईयेल, से सुधरी घियेल।