रोमियो 8:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 परमेशरै किअ अह एते तैणीं कि हाम्हैं बधाने बिधी पापी सभाबे साबै नां करे पर हाम्हैं पबित्र आत्में साबै पूरी करे। See the chapterकुल्वी4 तैबै कि बिधाना री माँग आसा न ज़ुण शरीरा रै पापी स्वभावा रै मुताबक नैंई बल्कि पवित्र आत्मा रै मुताबक च़ला सी, पूरी हो। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम4 तेबा व्यवस्था री बिधि हामा में जोह शरीरा री रीति रे साबे नांई, पर आत्मा रे साबे चलदा आसा, पुरी हुणी। See the chapter |