रोमियो 7:7 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान7 ता हाम्हैं किज़ै सका बोली? कि बधान पाप आसा? इहअ निं आथी, अह त बधान ई ज़ेता करै मुखा थोघ लागअ कि पाप किज़ै आसा, मुखा लागअ बधाना ई करै थोघ कि मांण करनअ आसा पाप किल्हैकि तेथ आसा लिखअ द, “मांण निं करी।” (रोमी 3:20) See the chapterकुल्वी7 ता आसा कि बोलणा? बिधान कि पाप सा? कैधी भी नैंई! पर बिना बिधाना न हांऊँ पापा बै नी पछ़ियाणदा, अगर बिधान नी बोलदा, “लालच मता केरदै” ता लालच कि होआ सा मुँभै पता नी ती होंणा। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम7 तेबा हामे कैह बोला? कैह व्यवस्था पाप साहा? कधी नांई पर बीना व्यवस्था रे हांउ पाप नांई पछेणी सकद व्यवस्था अगर नांई बोल्दी की लालच नांई करे तेबा महा लालच नांई करणा। See the chapter |