रोमियो 7:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 तैहीता, सह ज़ै आपणैं लाल़े ज़िऊंदी ज़िता कसा होरी मर्धा संघै बैह करा, ता सह बेटल़ी करा कंज़रैई, पर ज़ै तेसो लाल़अ मरी गअ ता सह हआ तेऊ बधाना का आज़ाद, और ज़ै सह कसा होरी मर्धा संघै भी शादी करे ता सह निं कंज़री हणीं। See the chapterकुल्वी3 पर अगर लाड़ै रै ज़िन्दै होंदै सौ कोई होरी मांहणु री बणा सा, तैबै तेसा व्यभिचारिणी बोलिणा, होर अगर लाड़ा मौरा, सा ता सौ तेई बिधान न आज़ाद होआ सा, औखै तैंईंयैं भी सा, कि अगर सौ कोई होरी मांहणु सैंघै ब्याह भी केरली ता तेसा व्यभिचारिणी नी बोलीणा। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम3 तेबा अगर सह मर्दा रे जिऊंदी बकती होरी मर्दा संघे नाहे तेबा सह बेटडी ब्याभिचारीणी कहलाउणी, पर अगर सह मरे तेबा सह तेसा व्यवस्था का छुटणी अखे तक की अगर सह दूजे संघे ब्याह करे तेबा भी गलत नांई हुणी। See the chapter |