रोमियो 2:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 पर तूह हुअ होर बी काठअ और तंऐं निं पाप करनअ छ़ाडअ, तूह आसा आप्पू लै घोर सज़ा कठा करदअ लागअ द ज़ेभै परमेशरा आपणअ रोश रहैऊंणअ और ज़हा धैल़ी परमेशरा शुचअ न्याय करनअ। See the chapterकुल्वी5 पर तुसै ज़िदी सी होर पाप छ़ौड़नै रा नाँह केरा सी, ज़ुणी ध्याड़ै परमेश्वरै आपणी झ़िक रिहाणी, ज़ुणीन परमेश्वरा रा सच़ा न्याय प्रगट होला, परमेश्वरा तुसरा बोहू सख्ती सैंघै न्याय केरना। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम5 पर तूह आपणे कठोर मना होर हठीले मना री बजा का तेऊरी रोषा री धियाड़ी में जासू में परमेश्वरा रा सचा न्याय प्रकट हुणा। See the chapter |