प्रकाशितवाक्य 3:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 “तैही रह बिऊंतअ, और तिन्नां च़िज़ा ज़ुंण बाकी आसा रही गई दी, और ज़ुंण खतम ती हणैं आल़ी, तिन्नां कर पाक्की। किल्हैकि मंऐं निं तेरअ कोई बी काम परमेशरा सेटा पूरअ भाल़अ। See the chapterकुल्वी2 तैबै बिऊदै हो, होर ज़ो चीज़ा बाकि रौही सी होर ज़ो मिटणू आल़ी सा तिन्हां बै पक्की केर, किबैकि मैं तेरै कोई भी कोम आपणै परमेश्वरा सामनै पूरै नी हेरै। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम2 जोह होर गला रही त्याहा कअ जागदअ रहे, होर जोह मटाउणे बे साहा, त्याह पाकी करे किबेकि मांई तेरे कोहे भी काम परमेश्वर रे सामने पुरे नांई पाई। See the chapter |