Online Bible

- Advertisements -




प्रकाशितवाक्य 2:13 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान

13 “इहअ ता आसा मुखा थोघ कि तूह रहा तिधी, ज़िधी राख्स राज़ करा और मेरै नांओंआं दी रहा तूह टेकी, मुंह दी विश्वास करना लै निं तूह तिन्नां धैल़ै बी पिछ़ू हटी, ज़िना धैल़ै मेरअ भरोस्सैमंद गवाही अन्तिपास, तम्हां मांझ़ा का तिधी पाअ मारी।

See the chapter Copy

कुल्वी

13 हांऊँ ऐ ता ज़ाणा सा कि तू तौखै रौहा सा ज़ौखै शैताना रा सिंहासन सा, होर मेरै नाँ न स्थिर रौहा सा होर मूँ पैंधै बशाह केरनै न तिन्हां ध्याड़ै न भी पिछ़ै नी हटू ज़ुणीन मेरा विश्वासयोग्य सैंघी अन्तिपास तुसा न तेसा ज़ैगा न घात केरूआ ज़ौखै शैतान रौहा सा।”

See the chapter Copy

ईनर सराजी मे नया नियम

13 हाऊं यह तो जाणा की, तूह तखे रहंदा, जखे शैताना रअ सिंहासन साहा, होर तूह मेरे ना में पाकअ रहंदा होर महा पेन्दे बुशाह करने में पीछे नांई हटू, जासु में मेरे बुशाह लाईक गुआही अनि्तपास, तमा संघे तेसा जागहा घात करी जखे शैतान रहंदा।

See the chapter Copy




प्रकाशितवाक्य 2:13

Follow us:

Advertisements


Advertisements