लुका 16:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 ता मालकै शादअ सह भढारी और तेऊ लै बोलअ, ‘लोगै भाल़ तेरै बारै कै बोलअ तंऐं लाऐ लोग ठगी? आपणैं भढारीए धैल़ीओ साब-कताब दै मुल्है और आजू निं तूह भढारी रही सकदअ।’ See the chapterकुल्वी2 तैबै तेई सेठै आपणा मुन्शी शाधु होर तेइबै बोलू, ‘हांऊँ तेरै बारै न ऐ कि लागा सा शुणदा? तू आपणै मुन्शी होंणै रा हिसाब दै किबैकि तू आगै बै मुन्शी नी रौही सकदा।’ See the chapterईनर सराजी मे नया नियम2 तेबा तेऊ सेठे सह भण्डारी शादू होर बोलू, यह कैह सा, जोह हाऊं तेरे बारे में शूणदअ लागदअ? आपणे भंडारीपना रा हिसाव दे; किबेकि तूह एबा भंडारी नांई रही सकदअ। See the chapter |