इफिसियों 5:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 नां होरी संघै नशर्म गल्ला करनी, नां सुहांगा मखौल करनअ, किल्हैकि ईंयां गल्ला निं हाम्हां शोभा दैंदी। पर तम्हैं लोल़ी परमेशरा लै शूकर किअ। See the chapterकुल्वी4 होर न शर्मिदा री, होर न मुर्खता री गैला री, न मज़ाक री, किबैकि ऐ गैला ठीक नी होन्दी, पर तुसा न हमेशा परमेश्वरा रा धन्यवाद देऊआ लोड़ी। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम4 होर नाह निर्लज्जता, नाह मुर्खता री गला बात करी, नाह ठठे करी; किबेकि या गला शोभा नांई दिन्दी, पर धनयवाद ही शुणु लोडी। See the chapter |