इफिसियों 4:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 ज़ै हाम्हैं मसीहा दी सैणैं गऐ हई, ऐबै निं हाम्हां सत्त समझ़णा लै होछ़ै लान्हैं ज़िहै ऐणैं हणअ और आजू निं हाम्हां कोई नऊंईं शिक्षे ज़ाणैं लागी समुंदरे छ़ाली मांझ़ै च़लदी किश्ती ज़िहै हणअ ज़ुंण बागरी करै ओर्ही-पोर्ही रहा हांढदी लागी। हाम्हां निं तिन्नां लोगे ज़ाणैं लागणअ ज़ुंण धोखै करै कबाता पाआ। See the chapterकुल्वी14 ज़ैबै आसै मसीह न बढ़ै सी होर मसीह न पक्कै हुए सी ता आसाबै शोहरु सांही बर्ताव केरना बन्द केरना चेहिऐ, ऐबै आसाबै तिन्हां किश्ती सांही नैंई होंणा चेहिऐ ज़ो लैहरा न आगै पिछ़ै होआ सी होर हावा न ओरै-पोरे घुमाईया सी। एथा रा मतलब सा, च़लाक होर कपटी लोका री गैला न नैंई ऐणा ज़ो झ़ूठी शिक्षा देआ सी। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम14 कि हामे जेहा वै बालक नांई रहे जोह मणशा री ठग विद्या होर चलाकी का त्याह रे भ्रमा री युक्ति करी होर उपदेशा री, हर एक बागुरी का उछाल़ी, होर ओहरी पोरी घुमाउंदा। See the chapter |