शधाणूं 4:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 दुजै धैल़ै हुअ इहअ कि तिन्नें हाकम, मुखियै, शास्त्री, See the chapterकुल्वी5 दुज़ै ध्याड़ी तिन्हां ढौकणु आल़ै मुख्य, स्याणै, शास्त्री, See the chapterईनर सराजी मे नया नियम5 दूजी धयाडी एडा होऊ कि त्याहरे सरदारे होर पुरनिए होर शास्त्री यरूशलेमा मे कठे होई।, See the chapter |