शधाणूं 22:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 “हुंह आसा यहूदी मणछ, मेरअ ज़ल्म आसा हुअ द किलकिआ लाक्कै तरसुस नगरी, पर एसा नगरी गमलिएल गूरूए च़रणैं लई मंऐं शिक्षा, और पित्तरे बधान आसा मुखा राम्बल़ै करै सखाऊऐ दै। हुंह मना त तिन्नां सोभी गल्ला किल्हैकि हुंह च़ाहा त परमेशरो हुकम मनणअ, ज़िहै तम्हैं आझ़ बी आसा मंदै लागै दै। See the chapterकुल्वी3 “हांऊँ ता यहूदी मांहणु सा, मेरा जन्म किलिकियै प्रदेशा रै तरसुस नगरा न हुआ पर ऐई नगरा न गमलीएलै री ज़ोंघा हागै बैशिया हांऊँ पढ़ाऊ होर बुज़ुर्गा रै बिधानै री ठीक रीति पैंधै सिखाऊ होर परमेश्वरै री तैंईंयैं ऐण्ढी धुन लाइया ती ज़ैण्ढी तुसै सैभियै औज़ लाई सा। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम3 हाऊं यहूदी साहा जोह किलिकिया रे तरसुसा में जन्मुदअ, पर एऊ नगरा में मेरा पालन पोषण होऊ होर गमलीएल रे चरणा में बेशी करे बजुर्गा री व्यवस्था रे साबे ठीक रीति संघे सिखाऊ, होर परमेश्वरा रे प्रति उत्साहे संघे भरूदअ। जेहड़े आज तमे साहा। See the chapter |