2 थिस्सलुनी 3:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 ज़ै कोई म्हारी एसा च़िठीए गल्ला नांईं मनें, ता तेऊ दी डाहै धैन और तेऊ का रहा ज़ुदै, ताकि सह शर्मिंदअ होए। See the chapterकुल्वी14 अगर कोई आसरी एसा चिट्ठी रा सन्देश नैंई मनला ता तेई पैंधै नज़र रखा होर तेइन अलग रौहा, ताकि सौ शर्मिंदा महसूस केरला; See the chapterईनर सराजी मे नया नियम14 अगर कुण ऐसा महारी पत्री री गला नांई शुणे, तेबा तेऊ परेदे नज़र डाहा; होर तेऊरी संगती नांई करे, जासु का तेऊ शर्म होए। See the chapter |