2 कुरिन्थी 9:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 इहअ निं लोल़ी हुअ कि, मकिदुनिया का कुंण विश्वासी मुंह संघै एछे और तम्हैं बोले इहअ कि म्हारअ निं ढबैओ इंतज़ाम हुअ और हुंह एऊ भरोस्सै करै शर्मिंदअ होए, पर तम्हैं हणैं होर बी शर्मिंदै। See the chapterकुल्वी4 ऐण्ढा नी होला, कि अगर किछ़ विश्वासी मकिदुनिया प्रदेशा न मूँ सैंघै ऐसै, होर तुसा हागै ढैबुऐ त्यार नी हुऐ होलै, ता कि पता, तुसरै ऐई बशाह री बजहा न आसै शर्मिंदा होलै, पर तुसा होर बी ज़ादा शर्मिंदा होंणा। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम4 एडा नांई होए कि अगर कोई मकिदुनिया बासी मांई संघे इच्छे होर तमे तैयार ना होए, तेबा होई सका कि एउ बुशाहा री बजा का (यह नांई बोलदे कि तमे) बेईजत होए। See the chapter |