2 बल्ति इतनी बन्दी भेली हुली कि पग़्ग़ मेहलणे ची जग़हा कोनी हुती, दरवाजे चे ब़ाहरु तक जग़हा वी कोनी हुती, ओ वानु नरीकारा चा वचन सुणावे पलता