2 कुरिन्थियां 9:5 - ओङ राजपूत5 ऐवास्ते मैं भावां कनु हा विनती करने जरुरी समझले कि वे पेहले ही तम्चे गोढु जाओ, ते ओ उदारता चा फल जाये बारे मां पेहले कनु ही वचन ङिला गेलता ला, तियार करती कर राखो, कि हा काये दब़ाव चे वजह कोनी पर उदारता चे फला आलीकर तियार हो। See the chapter |