8 तौ फिर काहेकै, हममैं से हर एक अपनी-अपनी जलमत की भासा कै नाय सुनथैं?
8 जा का हुइ रहो हए, जो हम मैसे हर आदमी इन्के हमर अप्नो-अप्नो भाषामे बात करत सुनन डटे हएं।