5 क्युकि तुम या अच्छी रीति से समजस हय कि कोय भी व्यभिचारी, मलिन अरु लोभी इन्सान कि जो मूर्तिपूजक ही हइ, मसीह अरु परमेश्वर का राज मे मीरास नी हइ.