27 ओ खोटो शास्त्री अने फरीसी तुमाआ धिक्कार होय तुमु सुनो लागल्यो कब्रेहोस जे बारथेरोत हाजी देखात्ले पण विसमे मोलेतीयाहा आदोवांही अने आखे एह्लाम मलिनता पोअल्ये होय,