1 ओमे मूर्ती आगाडी अर्पण वली वास्तु ई विश्वमेहे आमू जाअत्ले होय का आमू आखाआ ज्ञान होय अने ज्ञान घमंड तीयार कोत्लू होय पोन प्रेमोमेहे उन्नति ओवत्ली होय.