21 “हमरा ‘हे परभु, हे परभु’ कहैबला कोइ नै स्वरगके राजमे ढुकैले सक्तै। महज जे स्वरगमे रहैबला पिताके इक्छा पालन करतै उ लोक मातरे स्वरगके राजमे ढुकैले पाबतै।