27 पबितर धरमसास्तरमे एहेन लिखल छै, “हे बेटा-बेटी नै जलमाइबाली बाइझ खुसी मना, बचा जलमैत खिनाके दुख नै भोगलहासब, मन खोइलके गित गाब, कथिलेत घरबला हैबलासे नै हैबलाके बहौत धियापुता हेतौ।”