11 हम त खिरिस्टियन भाइ चियै कहैछै महज बेबिचार करैछै, लोभ करैछै, मुरतिपुजा करैछै, दोसरके निन्दा करैछै, मतबाला आ दोसरके ठकैछै, एहेन लोकसबसङे बैठके नै खो कैहके लिखने चियौ।