1 हे हमर भाइ-भैयासब, हम तोरासबसङे बोलैतखिना आत्मिक लोकसबसङे बाजल जखा बाजैले नै सकलियौ महज सन्सारके लोकसबसङे बाजल जखा बाजल छेलियौ। खिरिस्टमे भरखर बिस्बास करल छोट बचासबसङे बाजल जखा बोललियै।