6 मालिक केँ खुश करबाक उद्देश्य सँ, जखन ओ देखैत छथि तखने मात्र अपन काज नहि करू, बल्कि पूरा मोन सँ परमेश्वरक इच्छा पूरा करैत अपना केँ मसीहेक दास बुझि कऽ करू।