8 हम सभ बिनु मोल चुका कऽ किनको रोटी नहि खयलहुँ, बल्कि दिन-राति कष्ट सहैत आ परिश्रम करैत खटैत रहलहुँ जाहि सँ अहाँ सभ मे सँ किनको पर भार नहि बनि जाइ।