1 यौ भाइ लोकनि, अन्त मे ई—हमरा सभक लेल प्रार्थना करैत रहू जे, प्रभुक वचन जल्दी सँ पसरय आ जहिना अहाँ सभक ओतऽ भेल, तहिना ओ दोसरो-दोसरो ठाम आदरक संग स्वीकार कयल जाय।