12 दंङ हे गिऊ प्यारे साथी विशवासी रे, हेंदिंङ हुकुम भाषे लेह जूंशी तोह, पर हेंदु पापमय स्वाभाव माह जुंज़ा कि हेनर झांह लोंहई।