4 दोच़ी गिऊ जहान बचाएच़िमी थल्जी एनोह जहान मुसीबता रिंङ केहच़ी च़रतिर; सिर्फ गेह माह शुह, पर ऊईजाति तु भत्ते झुण्ड ला दोतु धन्यवाद लहज़ा।