7 दोई अंयों बढाई लहरी ए भोगविलास लहरी, दोबि धोंण दुख ए धोंण शोक रांई। दोई एनोह सेहमरिंङ दि कुट्रा, “गेह रानी ओ ठ्रोह सिंहासनो टोईच़ी विराजमान तोतोग।” गेह रंणी माहशुहगा दंङ अपेहल ला शोक माह लोहग।