63 “हे महाराजा, ञेंतिंङ पता तोह कि दुह भरमाएच़ा दोई अपेहल दुह श्रींङी तोहई, कुहते, कि गिऊ सीमी षुमु ध्याड़ो थल गेह यच़ाह श्रींङे योग।