40 दंङ गेह रज्ज़ा दोतिंङ जुबाब रमोग, “गेह केतंङ हेले कुट्रातग केहच़ी गिऊ दिह कवचि वे कवचि चेलारंङ साते लाह, दुह गेरंङ लाह।