50 दंङ दुह परगरो मालिक झांह ठ्रोह ध्याड़ारिंङ वापिस अपोतो, अपेहल दुह दोऊ थल्जी रुमज़ा मशोतो, दंङ झांह ठ्रोह घड़ी अतु पाहठी दोई माह ञेंहतु।