23 दोई दोतंङ साते कुतोह, “केहच़ी गिऊ टोईच़ी दीह कहावत ज़रुर कोहनी, कि हे लर्जे, केनाबि ठीक लोहू! छिला ञेंहच़ी रेड्री तातंई कि कफरनहूम नगरंङ केई लहसी ततन, दुह देर्तिंङ कनु इलाकारिंङ ला लोहू।”