41 अपेहल महस खुशी रंङ साते दोतिंङ विशवास माह शुई कि यीशु षीङे इलजे तोहई, दंङ दोरे ठट् शुहचे इलजी तोईरे, दंङ यीशु ज़ि दोरे रुहक्ती, “छि केहच़ी देहर छाह बगत तातंई आ?”