46 दंङ दोतंङ कुहतो, “पवित्र शास्त्रा रिंङ च़ेहसी तोह, गिऊ घरबार भत्ते जातिऊ थल्जी प्रार्थनाओ घरबार शोतो।; पर केहच़ी दोबि डाकुतु अड्डा बणाके चरच़ातंई।”