4 छि केहतु भत्ते दुख अंऊ केहच़ी विशवासी बणेंके थल सहन लहज़ातंई बेकार शुहचे इलदोर आ? गेह हेलेरिंङ उम्मीद लहज़ातग कि दिरे बेकार माह तोईरे।