27 अपेहल सपि रात ला शुचि इलि, दंङ लन्न ज़ि लगातार ञेंरे अद्रिया समुन्द्रो हखा धक्का रंड्री लेहकी तोहई, दोहपल आधा रातो मुक्का जहाज़ो कम लहज़ा दोच़ी हिसाब लगाएतिर कि हेनरे अंऊ आ देशो कछंङ पिचे अंदंई।