30 देहर तचेक कि केहतु केनातु विशवासी झुंडो दोरच़ी झांह ठ्रोह मीहरे अपोर, अंऊ चेला तिंङ एनोह थलेसी लहज़िमी थल्जी नोखे गप्पा लहज़ातोर।