8 चाहे मीहच़ी हेंदिंङ आदर रंड्रातोर या हेंदु बुराई लहज़ातोर; षटणा लोहर या श्राप रमोर, ञेंहच़ी हमेशा हेंदु पाहठी हेले कांहषी तातंई। पर रै मीहच़ी कुईरे कि ञेंरे हप्साड़ तोतोंई।