2 केहच़ी ञेंहच़ातंई कि केरे विशवासी बणेक्पिमी तुहई छना ठ्रोह जीवन श्रींङमातंई। दंङ केरे टटे मुर्ति तु थल्जी जोज़िमी थल्जी भटकेगी इलजी तोतोंई।