इफिसियों 2:3 - कुल्वी3 एक बारी आसै भी आपणै पापी स्वभावा रै स्वार्थी इच्छा रै अधीना न ती। आसरै स्वभावा न आसै दुज़ै सांही परमेश्वरा री झ़िका रै अधीन ती। See the chapterबाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 एकी ज़मानैं तै हाम्हैं बी तिन्नां ज़िहै ज़ुंण परमेशरा का दूर रहा तै; हाम्हैं बी करा तै तिन्नां गल्ला ज़ेतो हाम्हां च़ाअ लागा त, ज़ेता करै म्हारी देही और मन खुश हआ त। तेता करै त परमेशर हाम्हां लै नराज़ ज़िहअ एभै होरी लै आसा। See the chapterईनर सराजी मे नया नियम3 याह में हामें भी सब रे सब पहिले आपणे शरीरा री लालसा में धयाडे बिताउंदा थी, होर शरीर, होर मना री इच्छा पूरी करी थी, होर होरी लोका रे बराबर स्वभावा ही का रोषा री सन्तान थी। See the chapter |