तितुस 3:2 - ईनर सराजी मे नया नियम2 होर कासी री निंदा नांई करे होर ना झगडे करे पर कोमल सभावा रे होए होर सभी लोका संघा नम्रता संघा रहे। See the chapterबाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 कोहिए बारै निं बूरअ बोल़णअ, नां लोगा संघै हठल़दै लागणअ, तम्हैं करै तेभै बी सबर ज़ेभै लोग तिहअ करे ज़ेता लै तम्हैं राज़ी निं हंदै। सोभी लोगा संघै डाहणअ हर बगत नरम बभार। See the chapterकुल्वी2 कौसी बै बदनाम मतेई केरीत्; झ़गड़ालू नी होलै; पर दुज़ै लोका पैंधै दया रिहान्दा हो, होर सैभी मांहणु सैंघै बड़ी नम्रता सैंघै रौहला। See the chapter |