रोमियों 5:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 जिस के वसीले से ईमान की वजह से उस फ़ज़ल तक हमारी रिसाई भी हुई जिस पर क़ाईम हैं और ख़ुदा के जलाल की उम्मीद पर फ़ख़्र करें। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा2 ईमान लाने से हम ने अलमसीह के वसीले से उस फ़ज़ल को पा लिया है और उस पर क़ाइम भी हैं और इस उम्मीद पर नज़र करते हैं के हम भी ख़ुदा के जलाल में शरीक होंगे। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस2 हमारे ईमान लाने पर उसने हमें फ़ज़ल के उस मक़ाम तक पहुँचाया जहाँ हम आज क़ायम हैं। और यों हम इस उम्मीद पर फ़ख़र करते हैं कि हम अल्लाह के जलाल में शरीक होंगे। See the chapter |