मुकाशफ़ा 2:29 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 जिसके कान हों वो सुने कि रूह कलीसियाओं से क्या फ़रमाता है।” See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा29 जिस के कान हों वह सुने के पाक रूह जमाअतों से क्या फ़रमाता है। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस29 जो सुन सकता है वह सुन ले कि रूहुल-क़ुद्स जमातों को क्या कुछ बता रहा है। See the chapter |