गिनती 6:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और अपनी नज़ारत के तमाम दिनों में बीज से लेकर छिल्के तक जो कुछ अंगूर के दरख़्त में पैदा हो उसे न खाए। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस4 जब तक वह मख़सूस है वह अंगूर की कोई भी पैदावार न खाए, यहाँ तक कि अंगूर के बीज या छिलके भी न खाए। See the chapter |