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गिनती 35:28 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

28 क्यूँकि ख़ूनी को लाज़िम था कि सरदार काहिन की वफ़ात तक उसी पनाह कि शहर में रहता, लेकिन सरदार काहिन के मरने के बाद ख़ूनी अपनी मौरूसी जगह को लौट जाए।

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किताब-ए मुक़द्दस

28 पनाह लेनेवाला इमामे-आज़म की वफ़ात तक पनाह के शहर में रहे। इसके बाद ही वह अपने घर वापस जा सकता है।

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गिनती 35:28

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