मलाकी 4:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 क्यूँकि देखो वह दिन आता है जो भट्टी की तरह सोज़ान होगा। तब सब मग़रूर और बदकिरदार भूसे की तरह होंगे और वह दिन उनको ऐसा जलाएगा कि शाख़ — ओ — बुन कुछ न छोड़ेगा, रब्ब — उल — अफ़वाज फ़रमाता है। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस1 रब्बुल-अफ़वाज फ़रमाता है, “यक़ीनन वह दिन आनेवाला है जब मेरा ग़ज़ब भड़कती भट्टी की तरह नाज़िल होकर हर गुस्ताख़ और बेदीन शख़्स को भूसे की तरह भस्म कर देगा। वह जड़ से लेकर शाख़ तक मिट जाएंगे। See the chapter |